#BORISJohnson is set to deliver a press conference to the nation this morning as the Prime Minister nears on securing a trade deal with the European Union.

PUBLISHED: 07:05 Dec 24 2020 | UPDATED: 09:33, Thu, Dec 24, 2020

Update was 9:11!

"And now the Prime Minister is set to deliver a statement to the nation around 8am to announce the deal."

But the update was later than 8am! Still no statement from #BorisJohnson

#8 = H #HillaryClinton
BORIS JOHNSON and Ursula Von Der Leyen have allegedly arrived at a Brexit deal, and an announcement on the details will come today. What time is Boris Johnson's Brexit deal announcement?

07:47 Dec 24, 2020 | UPDATED: 09:04, Thu Dec 24, 2020

#47 #Biden

https://t.co/zEbnE3Zjw4
European Commission spokesman Eric Mamer confirmed talks had also continued overnight via Twitter. #Brexit

Writing at midnight GMT, he said they would start again in the morning. #MidnightRiders #Comms #GMT Ground moving target #Military

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https://t.co/8jAXpcpKVF
"MPs and lords are currently on recess, but can be recalled at 48 hours notice, by December 29 at the earliest."

Why 48 hours notice? They can do it in less time if needed!

#48 #Cue #Gematria #Comms

⬇️

https://t.co/Z5MrQT31Zs
"December 29 at the earliest" #Comms

#29 #Cue
Some things must remain classified to the very end.
The pedo networks are being dismantled.
We pray every single day for God’s guidance and direction as we are truly up against pure evil #Lucifer #Moloch #Babel #Madonna #Christmas

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#ज्योतिष_विज्ञान #मंत्र_विज्ञान

ज्योतिषाचार्य अक्सर ग्रहों के दुष्प्रभाव के समाधान के लिए मंत्र जप, अनुष्ठान इत्यादि बताते हैं।

व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति ही उसकी कुंडली बन जाती है जैसे कि फ़ोटो खींच लिया हो और एडिट करना सम्भव नही है। इसे ही "लग्न" कुंडली कहते हैं।


लग्न के समय ग्रहों की इस स्थिति से ही जीवन भर आपको किस ग्रह की ऊर्जा कैसे प्रभावित करेगी का निर्धारिण होता है। साथ साथ दशाएँ, गोचर इत्यादि चलते हैं पर लग्न कुंडली का रोल सबसे महत्वपूर्ण है।


पृथ्वी से अरबों खरबों दूर ये ग्रह अपनी ऊर्जा से पृथ्वी/व्यक्ति को प्रभावित करते हैं जैसे हमारे सबसे निकट ग्रह चंद्रमा जोकि जल का कारक है पृथ्वी और शरीर के जलतत्व पर पूर्ण प्रभाव रखता है।
पूर्णिमा में उछाल मारता समुद्र का जल इसकी ऊर्जा के प्रभाव को दिखाता है।


अमावस्या में ऊर्जा का स्तर कम होने पर वही समुद्र शांत होकर पीछे चला जाता है। जिसे ज्वार-भाटा कहते हैं। इसी तरह अन्य ग्रहों की ऊर्जा के प्रभाव होते हैं जिन्हें यहां समझाना संभव नहीं।
चंद्रमा की ये ऊर्जा शरीर को (अगर खराब है) water retention, बैचेनी, नींद न आना आदि लक्षण दिखाती है


मंत्र क्या हैं-
मंत्र इन ऊर्जाओं के सटीक प्रयोग करने के पासवर्ड हैं। जिनके जप से संबंधित ग्रह की ऊर्जा को जातक की ऊर्जा से कनेक्ट करके उन ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम किया और शुभ प्रभाव को बढ़ाया जाता है।