A Thread of all my Trading Strategies
📌Rs + Macd Strategy
📌Darvas Box Strategy
📌Breakout Trading
📌Retest Trading
📌Range Trading

Retweet and Share !
@kuttrapali26 @Techno_Charts
1/no

RS + MACD Strategy
https://t.co/ilxBYWWYD6

2/n
Range Trading Strategy
https://t.co/kVISneUGcx

3/n
Darvas Box Trading Strategy
https://t.co/2ghd1bdV8J

4/n
Breakout Trading
https://t.co/bK1veyp6lC

5/n
Retest Trading
https://t.co/Rctic80THR
6/n

More from JayneshKasliwal

𝗛𝗼𝘄 𝘁𝗼 𝗰𝗿𝗲𝗮𝘁𝗲 𝘆𝗼𝘂𝗿 𝗼𝘄𝗻 𝗖𝗵𝗮𝗿𝘁𝗶𝗻𝗸 𝗦𝗰𝗿𝗲𝗲𝗻𝗲𝗿

🧵 Thread 🧵
[1/15]

𝗖𝗵𝗮𝗿𝘁𝗶𝗻𝗸 𝗦𝗰𝗿𝗲𝗲𝗻𝗲𝗿 is a Stock screening tool that is useful to screen stocks based on Technical & Fundamentals.
🔸 It scans stocks by using technical indicators like RSI, MACD, divergences, etc.
🔸 It also uses fundamental tools like Book Value, EPS,PE etc
[2/15]

How To Create A Scan ?
Go to
https://t.co/JJEJBg3Cd8 & click on 𝘊𝘳𝘦𝘢𝘵𝘦 𝘚𝘤𝘢𝘯 under 𝘚𝘤𝘳𝘦𝘦𝘯𝘦𝘳𝘴.

[3/15]


𝗙𝗶𝗿𝘀𝘁 𝗦𝘁𝗲𝗽 𝗧𝗼 𝗙𝗶𝗹𝘁𝗲𝗿 𝗦𝘁𝗼𝗰𝗸𝘀
We can select segments of stocks of our choice, e.g. cash or futures stocks, Nifty 100 etc.
Click on green ‘+’ icon to add conditions.
[4/15]


𝗖𝗮𝗻𝗱𝗹𝗲 𝗧𝗶𝗺𝗲𝗳𝗿𝗮𝗺𝗲𝘀 & 𝗖𝗼𝗺𝗽𝗮𝗿𝗶𝘀𝗼𝗻 𝗢𝗽𝗲𝗿𝗮𝘁𝗼𝗿𝘀🔸 We can select any timeframe of candles in Chartink, from minutes to years.
🔸 And compare two candles using comparison operators like 𝘌𝘲𝘶𝘢𝘭 𝘵𝘰 or 𝘎𝘳𝘦𝘢𝘵𝘦𝘳 𝘛𝘩𝘢𝘯 , crossovers etc
[5/15]

More from Screeners

You May Also Like

हिमालय पर्वत की एक बड़ी पवित्र गुफा थी।उस गुफा के निकट ही गंगा जी बहती थी।एक बार देवर्षि नारद विचरण करते हुए वहां आ पहुंचे।वह परम पवित्र गुफा नारद जी को अत्यंत सुहावनी लगी।वहां का मनोरम प्राकृतिक दृश्य,पर्वत,नदी और वन देख उनके हृदय में श्रीहरि विष्णु की भक्ति अत्यंत बलवती हो उठी।


और देवर्षि नारद वहीं बैठकर तपस्या में लीन हो गए।इन्द्र नारद की तपस्या से घबरा गए।उन्हें हमेशा की तरह अपना सिंहासन व स्वर्ग खोने का डर सताने लगा।इसलिए इन्द्र ने नारद की तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को उनके पास भेज दिया।वहां पहुंच कामदेव ने अपनी माया से वसंतऋतु को उत्पन्न कर दिया।


पेड़ और पौधों पर रंग बिरंगे फूल खिल गए और कोयलें कूकने लगी,पक्षी चहकने लगे।शीतल,मंद,सुगंधित और सुहावनी हवा चलने लगी।रंभा आदि अप्सराएं नाचने लगीं ।किन्तु कामदेव की किसी भी माया का नारद पे कोई प्रभाव नहीं पड़ा।तब कामदेव को डर सताने लगा कि कहीं नारद क्रोध में आकर मुझे श्राप न देदें।

जैसे ही नारद ने अपनी आंखें खोली, उसी क्षण कामदेव ने उनसे क्षमा मांगी।नारद मुनि को तनिक भी क्रोध नहीं आया और उन्होने शीघ्र ही कामदेव को क्षमा कर दिया।कामदेव प्रसन्न होकर वहां से चले गए।कामदेव के चले जाने पर देवर्षि के मन में अहंकार आ गया कि मैने कामदेव को हरा दिया।

नारद फिर कैलाश जा पहुंचे और शिवजी को अपनी विजयगाथा सुनाई।शिव समझ गए कि नारद अहंकारी हो गए हैं और अगर ये बात विष्णु जी जान गए तो नारद के लिए अच्छा नहीं होगा।ये सोचकर शिवजी ने नारद को भगवन विष्णु को ये बात बताने के लीए मना किया। परंतु नारद जी को ये बात उचित नहीं लगी।