10 years Stock price CAGR (%) :

1. Alkyl Amine 69
2. Avanti feed 69
3. Deepak Nitrite 59
4. Paushak 59
5..Caplin point 59
6. Bajaj Finance 57
7. Relaxo 53
8. Aarti Ind 52
9. Navin Fluorine 51
10. Balaji amines 50
11. Atul 46

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🌺श्री गरुड़ पुराण - संक्षिप्त वर्णन🌺

हिन्दु धर्म के 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण का हिन्दु धर्म में बड़ा महत्व है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद सद्गती की व्याख्या मिलती है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु हैं, इसलिए ये वैष्णव पुराण है।


गरुड़ पुराण के अनुसार हमारे कर्मों का फल हमें हमारे जीवन-काल में तो मिलता ही है परंतु मृत्यु के बाद भी अच्छे बुरे कार्यों का उनके अनुसार फल मिलता है। इस कारण इस पुराण में निहित ज्ञान को प्राप्त करने के लिए घर के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद का समय निर्धारित किया गया है...

..ताकि उस समय हम जीवन-मरण से जुड़े सभी सत्य जान सकें और मृत्यु के कारण बिछडने वाले सदस्य का दुख कम हो सके।
गरुड़ पुराण में विष्णु की भक्ति व अवतारों का विस्तार से उसी प्रकार वर्णन मिलता है जिस प्रकार भगवत पुराण में।आरम्भ में मनु से सृष्टि की उत्पत्ति,ध्रुव चरित्र की कथा मिलती है।


तदुपरांत सुर्य व चंद्र ग्रहों के मंत्र, शिव-पार्वती मंत्र,इन्द्र सम्बंधित मंत्र,सरस्वती मंत्र और नौ शक्तियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
इस पुराण में उन्नीस हज़ार श्लोक बताए जाते हैं और इसे दो भागों में कहा जाता है।
प्रथम भाग में विष्णुभक्ति और पूजा विधियों का उल्लेख है।

मृत्यु के उपरांत गरुड़ पुराण के श्रवण का प्रावधान है ।
पुराण के द्वितीय भाग में 'प्रेतकल्प' का विस्तार से वर्णन और नरकों में जीव के पड़ने का वृत्तांत मिलता है। मरने के बाद मनुष्य की क्या गति होती है, उसका किस प्रकार की योनियों में जन्म होता है, प्रेत योनि से मुक्ति के उपाय...
Rig Ved 1.36.7

To do a Namaskaar or bow before someone means that you are humble or without pride and ego. This means that we politely bow before you since you are better than me. Pranipaat(प्राणीपात) also means the same that we respect you without any vanity.

1/9


Surrendering False pride is Namaskaar. Even in devotion or bhakti we say the same thing. We want to convey to Ishwar that we have nothing to offer but we leave all our pride and offer you ourselves without any pride in our body. You destroy all our evil karma.

2/9

We bow before you so that you assimilate us and make us that capable. Destruction of our evils and surrender is Namaskaar. Therefore we pray same thing before and after any big rituals.

3/9

तं घे॑मि॒त्था न॑म॒स्विन॒ उप॑ स्व॒राज॑मासते ।
होत्रा॑भिर॒ग्निं मनु॑षः॒ समिं॑धते तिति॒र्वांसो॒ अति॒ स्रिधः॑॥

Translation :

नमस्विनः - To bow.

स्वराजम् - Self illuminating.

तम् - His.

घ ईम् - Yours.

इत्था - This way.

उप - Upaasana.

आसते - To do.

स्त्रिधः - For enemies.

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अति तितिर्वांसः - To defeat fast.

मनुषः - Yajman.

होत्राभिः - In seven numbers.

अग्निम् - Agnidev.

समिन्धते - Illuminated on all sides.

Explanation : Yajmans bow(do Namaskaar) before self illuminating Agnidev by making the offerings of Havi.

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