आइंस्टीन ने बोस के कार्य को जर्मन भाषा में अनुवाद करके न सिर्फ प्रकाशित किया, बल्कि इसके अंत में एक खास नोट भी लिखा. उन्होंने लिखा था - “प्लांक के फॉर्मूला पर बोस का डेरीवेशन मेरे हिसाब से विज्ञान में आगे की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम है.
यहाँ पर प्रयोग की गयी प्रक्रिया आइडियल गैस के क्वान्टम थ्योरी को भी दर्शाती है, और इसे मैं कहीं और भी सिद्ध करूंगा.”
थ्योरीटिकल फिजिक्स में क्वांटम मैकेनिक्स के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में बोस का विशेष योगदान रहा है.
इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 1954 में पद्म विभूषण से नवाजा गया. इसके बाद साल 1958 में वह ‘फैलो ऑफ़ द रॉयल सोसाइटी’ भी बने.